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Monday, September 21, 2020

पीएम मोदी का दूसरा संबोधन रात्रि 8 बजे कोरोनोवायरस राष्ट्र को

This is PM Modi's second address to the nation since Thursday. Highlights This is his second address to the nation since Thursday Since then, almost all of India has come under complete lockdown He had yesterday tweeted that many…
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    किसकी तरफ है चीन की 12,000 मिसाइलों का मुंह? ड्रैगन का WAR कैलेंडर में 2020 में चीन की पहली बड़ी जंग का दावा

    रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च और अप्रैल के महीने में चीन के लड़ाकू विमान ताइवान को अपनी ताकत दिखाने का मौका ढूंढते रहे.

    नई दिल्ली: चीनी अखबार वेनवेइपो ने चीन का एक War Calendar छापा है, जिसमें बताया बताया गया है कि चीन अगले 50 सालों में किन-किन देशों से जंग लड़ेगा. इस आर्टिकल में सिलसिलेवार ढंग से 6 जंग की भविष्यवाणी की गई है जिसमें साल 2020 का खास महत्व है क्योंकि इस अखबार के मुताबिक पहली वॉर इसी साल लड़ी जानी है. चीन के वॉर कलेंडर का आधार उन्नासवीं सदी के मध्य लड़ा गया अफीम युद्ध है. पहला युद्ध 1839-42 तक चला तो दूसरा 1956-60 के बीच. दोनों ही जंग में ब्रिटेन ने चीन को बुरी तरह हराया. इसके बाद अगले 100 सालों तक चीन रौंदा जाता रहा जिसे चीन के लोग अपमान के 100 वर्ष कहते हैं.

    एक नई जानकारी सामने आने के बाद कुछ सवाल आज चीन के सामने खड़े हैं. चीन ने किसके खिलाफ 12 हजार मिसाइल तैनात कर रखी हैं? चीन किसे डराने के लिए लगातार सैन्य अभ्यास कर रहा है? इस साल किस देश की वायुसीमा में चीन 6 बार जबरदस्ती घुस गया? चीन पर नजर रखने वाले जानकारों को लगता है कि कोरोना महामारी के बीच चीन का पहला वार उसके एक पड़ोसी देश पर हो सकता है जो उससे आकार और ताकत में कहीं नहीं ठहरता, वो देश है ताइवान. तो ये ताइवान ही है जिसकी तरफ चीन ने अपनी 12 हजार मिसाइलों को तैनात कर रखा है.

    फरवरी महीने में जिस वक्त चीन के वुहान में कोरोना वायरस जान ले रहा था. शी जिनपिंग की सेना ताइवान की वायुसीमा में घुसकर उसे डरा रही थी. चीन की इस हिमाकत के जवाब में ताइवान को अपने लड़ाकू विमान भेजने पड़े लेकिन चीन ने ताइवान को डराना जारी रखा और उसने जानबूझकर ताइवान के पास अपनी वायुसेना-नौसेना की मिलिट्री ड्रिल आयोजित की.21वीं सदी में चीन दुनिया की दूसरी बड़ी महाशक्ति बन चुका है और अब वो अपने अपमान का गिन गिन कर बदला लेना चाहता है. चीन का ये उतावलापन दुनिया को बहुत भारी पड़ सकता है क्योंकि चीन के वॉर कलेंडर में जिन 6 जंगों का जिक्र किया गया है.

    उसकी शुरुआत साल 2020 से बताई गई है. चीन ने इस कैलेंडर के मुताबिक काम करना भी शुरू कर दिया है और उस देश की तरफ अपनी 12 हजार मिसाइलों का मुंह कर दिया है. सवाल है कि चीन सबसे पहले किस पर हमला करने वाला है. ब्रिटेन पर, जिसने उसे अफीम युद्ध में हराया. जापान पर, जिस पर वो अत्याचार का आरोप लगाता है. रूस पर, जिससे वो अपने इलाके वापस लेना चाहता है या फिर भारत पर जिससे उसका सीमा विवाद चल रहा है.

    पिछले कुछ दिनों में चीन की सेना ने भारत में घुसपैठ की कोशिश की है, जिस तरह से लद्दाख में चीनी हेलिकॉप्टर देखे गए हैं. उससे सवाल उठता है कि क्या चीन 1962 जैसी कोई साजिश रच रहा है. चीन से आ रहे ऐसे ही संकेतों ने देश की सेनाओं को सतर्क कर दिया है. चीन सिर्फ भारत से नहीं उलझ रहा. वो दक्षिण चीन सागर में अमेरिका के दोस्तों को सता कर सुपरपावर को सीधे सीधे आंख दिखा रहा है. अमेरिका भी चीन को अपने यहां